महा असली प्राचीन इंद्रजाल वशीकरण तंत्र मंत्र टोटका उपाय

tantricremedy   February 24, 2019   Comments Off on महा असली प्राचीन इंद्रजाल वशीकरण तंत्र मंत्र टोटका उपाय

Maha Prachin Indrajal Vashikaran Tantra Mantra Totke- महा असली प्राचीन इंद्रजाल वशीकरण तंत्र मंत्र टोटका उपाय

यहाँ जाने कैसे होता है महा असली प्राचीन इंद्रजाल वशीकरण तंत्र मंत्र का प्रयोग- जब भी हम टोटके, काला जादू या तंत्र-मंत्र विद्या के बारे में बात करते है, तो समझ सकते है की इनका इतिहास काफी पुराना है। उसी इतिहास में से आज हम आपको महा प्राचीन इंद्रजाल वशीकरण के बारे में बताएंगे। इंद्रजाल के दूसरे मतलब को यदि समझा जाए तो यह माया या छल को प्रस्तुत करता है। इंद्रजाल का आकार छोटा-बड़ा हो सकता है। ये एक प्रकार का पौधा है, जोकि सिर्फ समुद्र मे पाया जाता है। जोकि काले रंग का होता है। बहुत से लोग होते है जो अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए सीधा मार्ग अपनाते है। यदि वो तरीका काम न करे तो कुछ लोग इस प्राचीन माया या आप कह सकते है इंद्रजाल वशीकरण विद्या की मदद भी लेते है। तो जानते है इंद्रजाल वशीकरण के बारे में।

Maha Prachin Indrajal Vashikaran Tantra Mantra Totke

Maha Prachin Indrajal Vashikaran Tantra Mantra Totke

हम आपको बता दे की असली इंद्रजाल वशीकरण विद्या इतनी आसान नहीं होती। इसके लिए आपको सही तरीके से यक्षिणी, अप्सरा और देव की साधना को पूरे विधि-विधान के साथ पिरोना होता है। इसके अलावा इंद्रजाल वनस्पती के बारे मे अगर आपने नहीं सुना है, तो जान ले की यह समुद्र के अंदर पाई जाने वाली दुर्लभ जड़ी-बूटी है। पर इसमे पत्ते नहीं होते और यह दिखने मे मकड़ी के जाल की तरह होती है। जिसे पाना कोई आसान काम नहीं है। यदि आपको यह वनस्पती मिल जाए तो उसे घर मे पूजा वाले स्थान मे उत्तर दिशा मे रखने से सुख-शांति आती है। इसका असर इतना होता है की यह आपके घर से भूत प्रेत, जादू टोने व बुरी नज़र जैसे प्रभाव को दूर करती है।

महा प्राचीन इंद्रजाल वशीकरण टोटके की मदद लेने लिए आपको यह उपाय करना होगा। सबसे पहले एक पीपल का पत्ता ले, फिर उसपर आटे से एक व्यक्ति का पुतला बनाकर रख दे। जिसको आप वश मे करना चाहते है, उसका नाम उस पुतले पर लिख दे। फिर उसे एक काले रंग के कपड़े से धक दे। अपने दाहिने हाथ में काले तिल लेकर इस इंद्रजाल मंत्र का जाप करे। मंत्र है: “ब्रह्मण काम क्रोध वश रहेऊ त्याहीकरण सब कीलित भयऊ कहो नाथ बीन कीले मंत्रा औरहू सिद्ध होय जिमी मंत्रा”। 11 बार मंत्र का जाप करना होगा। जाप के बाद उन काले तिल को अपने पास रखें। लेकिंन उस पीपल के पत्ते व आटे से बने पुतले को कही बहते हुए पानी में बहा दे। अब जब तक आप उन काले तिल को अपने पास रखेंगे, तब तक वो व्यक्ति आपके वश मे रहेगा। लेकिन जिस दिन भी उसे बहते पानी मे डाल देंगे, उस दिन वशीकरण का असर खतम हो जाएगा।

हम आपको एक सरल उपाय बताते है जिसके अंतर्गत यदि आप मंगलवार के दिन माँ दुर्गा की पूजा करे व इंद्रजाल वनस्पति का पीसकर पाउडर बना ले। फिर आप इस पाउडर को अपने जिस किसी शत्रु पर छिड़क देंगे वो आपसे शत्रुता छोड़ देगा।

हम आपको एक सरल इंद्रजाल वशीकरण टोटका बताते है। इसको करने के लिए आप एक सुपारी ले और उसपर हल्दी व सिंदूर लगाए। इसके बाद कोयले के एक छोटे टुकड़े को लेकर उससे उस व्यक्ति का नाम लिखे जिसे आप अपने वश मे करना चाहते है। फिर सुपारी को एक लाल रंग के धागे से बांध दे। इसके बाद उसे एक गड्ढे मे दबाते हुए दुआ करे। इस विधि से आप उस व्यक्ति को अपने वश मे कर सकते है।

इंद्रजाल वशीकरण के अपने कुछ खास तंत्र-मंत्र भी होते है। जो कई प्रकार से आपकी मदद कर सकते है। तो पहले आप वो मंत्र जान ले। मंत्र है: “ओम नमो माहयक्षिणी पतिं मे वश्यं कुरु कुरु स्वाह”। किसी पुरुष को अपने वश मे करने के लिए ऊपर बताए गए मंत्र का 108 बार जाप करे। इसके अलावा एक अन्य मंत्र है: “ओम नमो हिरहराय रसायनसिद्धिं कुरु कुरु स्वाहा”। यह मंत्र आपको रोग से मुक्ति दिलाने मे काफी सहयाक होता है। इन मंत्र-तंत्र साधना को करने के समय बस ध्यान रहे की यदि आप हद से ज्यादा भावुक इंसान है तो इन विधि को ना करे। क्यूंकी इसके लिए आपको पूरा ध्यान इसपर केन्द्रित करना होता है। यदि आप इंद्रजाल वशीकरण विद्या पर पूर्ण विश्वास रखते है और इसके किताब आपके पास है तो उसे एक लाल कपड़े मे लपेटकर रखे। साथ ही ध्यान रखे की इस किताब को बंद कमरे मे हमेशा अकेले ही पढ़े।

इंद्रजाल वशीकरण विद्या मे अगर आप इंद्रजाल से ताबीज़ बनाकर उसे अपने बच्चे को पहनाते है तो ये आपके बच्चों को बुरी नज़र से बचाता है। इसके अलावा यदि कोई स्त्री अपने पति को अपने वश मे करना चाहती है तो अमावस्या से एक दिन पहले अगर उल्लू का मांस अभिमंत्रित करके किसी भी प्रकार से अपने पति को खिला दे तो वो हमेशा उस वश मे रहेगा।

हमारे देश में यदि इंद्रजाल वशीकरण के प्राचीन स्वरूप को देखा जाए तो पता चलता है की इसकी मदद से सामने वाले की इंद्रियों को वश मे किया जाता था। वैसे किसिकी इंद्रियों को वश मे करके उसे मायाजाल में फसाना आसान हो जाता। इंद्र और सम्बर को इस विद्या के आचार्य के रूप मे जाना जाता है। प्राचीन समय मे राजाओं के सामने इस विद्या के माध्यम से जादू का खेल दिखाया जाता था। आज भी विश्व के अलग-अलग कोनों मे इंद्रजाल वशीकरण विद्या की मदद से जादू का खेल दिखाया जाता है। सामने वाले के ध्यान को बाटकर, उसकी इंद्रियों को काबू मे करकर सिर्फ जादू का खेल ही नहीं होता, बल्कि इस विद्या के प्रयोग से लोग अपनी बिगड़ी किस्मत को बनाने का काम भी करता है, इसलिए इंद्रजाल वशीकरण को काफी असरदार माना गया है।

कोई भी साधक महा प्राचीन इंद्रजाल वशीकरण तंत्र मंत्र का प्रयोग का प्रयोग में लेने से पहले अवश्य तांत्रिक गुरु जी से सलाह लेवे ताकि कोई दुस्तरी समस्या आपको बाधित न करे|